संक्षिप्त और कीवर्ड आधारित: इंटरनेट पाठक अक्सर पूरी खबर पढ़ने के बजाय हेडलाइंस और मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देते हैं, इसलिए लेखन 'सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन' (SEO) को ध्यान में रखकर किया जाता है।
शब्द सीमा और अनुशासन: अखबारों में जगह (Space) सीमित होती है, अतः लेखन को निर्धारित शब्द सीमा के भीतर संक्षिप्त और प्रभावी होना चाहिए।
निष्कर्षजनसंचार के इन सभी माध्यमों की अपनी सीमाएँ और खूबियाँ हैं। जहाँ प्रिंट माध्यम में विस्तार और गहराई की गुंजाइश होती है, वहीं रेडियो और टीवी तात्कालिकता और प्रभाव पर जोर देते हैं। इंटरनेट इन सबको समेटते हुए गति और इंटरएक्टिविटी प्रदान करता है। एक कुशल लेखक वही है जो माध्यम की प्रकृति को समझकर उसके अनुरूप अपनी भाषा और शैली को बदल सके।