पद्य (कविता) के लिए ब्रजभाषा का प्रयोग जारी रहा, लेकिन गद्य (Prose) के लिए खड़ी बोली को अपनाया गया, जो जनता की समझ में आसानी से आ सके।
प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, हठी हम्मीर मन की लहर
इस काल में संस्कृत, अंग्रेजी और बांग्ला के प्रसिद्ध ग्रंथों का हिंदी में बड़े स्तर पर अनुवाद हुआ, जिससे हिंदी साहित्य समृद्ध हुआ। मन की लहर
इस युग के कवियों ने देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति पर बल दिया। अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना और भारतीयों में गौरव जगाना प्रमुख लक्ष्य था। मन की लहर
भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी, प्रेम मालिका, वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति